
आपसे निवेदन
आप चाहे छतहार में रहते हों या छतहार से बाहर, अगर आपका रिश्ता छतहार से है तो ये ब्लॉग आपका है। हम चाहते हैं कि आप छतहार के बारे में अपनी जानकारी, अपनी भावना, अपने विचार हमसे बांटें। आप अगर छतहार से बाहर रहते हैं और जिंदगी की आपाधापी में छतहार से आपका रिश्ता टूट चुका है तो हम चाहते हैं कि आप अपने बारे में हमें जानकारी भेजें ताकि ब्लॉग में हम उसे पोस्ट कर छतहार से आपका रिश्ता जोड़ सकें। हमारा मकसद इस ब्लॉग को छतहार का इनसाइक्लोपीडिया बनाना है। दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठा कोई शख्स छतहार के बारे में अगर कोई जानकारी चाहे तो उसे अपने गांव की पक्की सूचना मिल सके। ये आपके सहयोग के बगैर संभव नहीं है। हमें इस पते पर लिखे- hkmishra@indiatimes.com
Sunday, August 29, 2010
आधा छतहार अंधेरे में

Tuesday, August 24, 2010
ये राखी बंधन है ऐसा
Sunday, August 15, 2010
छतहार में स्वतंत्रता दिवस की झांकी
छतहार में बच्चे पूरे हर्षोल्लास से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झांकी निकालते हुए
सभी फोटो रौशन मिश्र के सौजन्य से
Saturday, August 14, 2010
झंडा ऊंचा रहे हमारा

झगड़ा खुद सुलझाएं तो अच्छा
कहते हैं आपसी झगड़े में बाहर वाले को शामिल ना किया जाए तो अच्छा होता है। छतहार में बुधवार को संपन्न पुलिस पब्लिक बैठक में शंभूगंज के थाना प्रभारी श्री अरुण कुमार राय ने गांव वालों को यही नेक सलाह दी।
पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में थाना प्रभारी श्री राय ने कहा कि आपसी विवाद को पंचायत स्तर पर मिल बैठ कर सुलझाना ही फायदेमंद होता है। उन्होंने कहा कि जब गांववाले किसी झगड़े को लेकर उनके पास पहुंचते हैं तो उनकी पहली प्राथमिकता होती है बातचीत के जरिये इसका समाधान ढूंढ़ने की। गांववाले भी थाना और कचहरी का चक्कर काटने की बजाए अगर संवाद के जरिये सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद सुलझा लें तो ये समाज की शांति और आपासी सदभाव के हित में होगा।
उन्होंने कहा कि वो आपसी विवाद के निपटारे में गांववालों को हरसंभव मदद पहुंचाएंगे। कटु से कटु विवाद की स्थिति में भी वो तब तक इसे मुकदमेबाजी तक नहीं पहुंचने देंगे, जब तक कि सुलह के सारे रास्ते बंद नहीं हो जाते।
बैठक में गांववालों ने श्री राय से शिकायत रखी कि अक्सर सालों पुराने मामले में आधी रात को पुलिस वाले गिरफ्तारी वारंट लेकर चले आते हैं। कई मामले तो ऐसे होते हैं कि आरोपी उस केस को भूल चुका होता है। ऐसे में पुलिस के इस तरह वारंट लेकर पहुंचने और गिरफ्तारी से समाज में बदनामी होती है क्योंकि ऐसे ज्यादातर केस आपराधिक नहीं बल्कि निजी द्वेष के होते हैं। गांववालों ने मांग की कि अगर किसी के नाम पुराने मामलों का वारंट जारी होता है तो इसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को पहले मिलनी चाहिए ताकि वो कोर्ट में सरेंडर कर उचित कानूनी कार्रवाई कर सके। इस पर थाना प्रभारी श्री राय ने गांववालों को भरोसा दिया कि वो इसे अमल में लाएंगे और पंचायत प्रतिनिधि के माध्यम से संबंधित व्यक्ति तक वारंट की जानकारी पहुंचा देंगे। लेकिन चौबीस घंटे के भीतर सरेंडर ना करने की स्थिति में पुलिस गिरफ्तारी के लिए बाध्य हो जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि उनकी शुरू से ही कोशिश रही है कि गांव में सौहार्द का माहौल बना रहे। लोग मिल बैठकर अपनी शिकायत दूर करें। इस मामले में उन्हें काफी कुछ कामयाबी भी मिली है, लेकिन इसे पूरी तरह कामयाब गांववालों की मदद से ही बनाया जा सकता है।
बैठक में मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र और थानाध्यक्ष श्री अरुण कुमार राय के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इनमें शामिल हैं श्री पंकज सिंह, प्रकाश चौधरी, बुटेरी चौधरी श्रीनारायण सिंह, मिर्जापुर से चक्रघर मिश्र, जसोधर पाठक, अरुण पाठक, भैरव मिश्र, श्यामानंद मिश्र, सच्चिदानंद मिश्र, सदानंद मिश्र, चंद्रशेखर झा, विजयमोहन मिश्र, माडला से देवेंद्र वर्मा, संजय वर्मा, टीना से गरीब मंडल, राजेश मंडल, वासुदेव रविदास, उमाकांत पासवान आदि मौजूद थे।
बैठक में 11 लोगों की कमेटी बनाई गई, जो आपसी झगड़े का निपटारा करेगी। इस कमेटी में शामिल हैं- श्रीनारायण सिंह (अध्यक्ष), केसरी किशोर तिवारी, अरुण पाठक, दिलीप झा, सच्चिदानंद मिश्र, चक्रधर मिश्र, उमाकांत पासवान, भैरव मिश्र, संजय वर्मा, छेदी चौबे और अरविंद मिश्र।
पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में थाना प्रभारी श्री राय ने कहा कि आपसी विवाद को पंचायत स्तर पर मिल बैठ कर सुलझाना ही फायदेमंद होता है। उन्होंने कहा कि जब गांववाले किसी झगड़े को लेकर उनके पास पहुंचते हैं तो उनकी पहली प्राथमिकता होती है बातचीत के जरिये इसका समाधान ढूंढ़ने की। गांववाले भी थाना और कचहरी का चक्कर काटने की बजाए अगर संवाद के जरिये सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद सुलझा लें तो ये समाज की शांति और आपासी सदभाव के हित में होगा।
उन्होंने कहा कि वो आपसी विवाद के निपटारे में गांववालों को हरसंभव मदद पहुंचाएंगे। कटु से कटु विवाद की स्थिति में भी वो तब तक इसे मुकदमेबाजी तक नहीं पहुंचने देंगे, जब तक कि सुलह के सारे रास्ते बंद नहीं हो जाते।
बैठक में गांववालों ने श्री राय से शिकायत रखी कि अक्सर सालों पुराने मामले में आधी रात को पुलिस वाले गिरफ्तारी वारंट लेकर चले आते हैं। कई मामले तो ऐसे होते हैं कि आरोपी उस केस को भूल चुका होता है। ऐसे में पुलिस के इस तरह वारंट लेकर पहुंचने और गिरफ्तारी से समाज में बदनामी होती है क्योंकि ऐसे ज्यादातर केस आपराधिक नहीं बल्कि निजी द्वेष के होते हैं। गांववालों ने मांग की कि अगर किसी के नाम पुराने मामलों का वारंट जारी होता है तो इसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को पहले मिलनी चाहिए ताकि वो कोर्ट में सरेंडर कर उचित कानूनी कार्रवाई कर सके। इस पर थाना प्रभारी श्री राय ने गांववालों को भरोसा दिया कि वो इसे अमल में लाएंगे और पंचायत प्रतिनिधि के माध्यम से संबंधित व्यक्ति तक वारंट की जानकारी पहुंचा देंगे। लेकिन चौबीस घंटे के भीतर सरेंडर ना करने की स्थिति में पुलिस गिरफ्तारी के लिए बाध्य हो जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि उनकी शुरू से ही कोशिश रही है कि गांव में सौहार्द का माहौल बना रहे। लोग मिल बैठकर अपनी शिकायत दूर करें। इस मामले में उन्हें काफी कुछ कामयाबी भी मिली है, लेकिन इसे पूरी तरह कामयाब गांववालों की मदद से ही बनाया जा सकता है।
बैठक में मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र और थानाध्यक्ष श्री अरुण कुमार राय के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इनमें शामिल हैं श्री पंकज सिंह, प्रकाश चौधरी, बुटेरी चौधरी श्रीनारायण सिंह, मिर्जापुर से चक्रघर मिश्र, जसोधर पाठक, अरुण पाठक, भैरव मिश्र, श्यामानंद मिश्र, सच्चिदानंद मिश्र, सदानंद मिश्र, चंद्रशेखर झा, विजयमोहन मिश्र, माडला से देवेंद्र वर्मा, संजय वर्मा, टीना से गरीब मंडल, राजेश मंडल, वासुदेव रविदास, उमाकांत पासवान आदि मौजूद थे।
बैठक में 11 लोगों की कमेटी बनाई गई, जो आपसी झगड़े का निपटारा करेगी। इस कमेटी में शामिल हैं- श्रीनारायण सिंह (अध्यक्ष), केसरी किशोर तिवारी, अरुण पाठक, दिलीप झा, सच्चिदानंद मिश्र, चक्रधर मिश्र, उमाकांत पासवान, भैरव मिश्र, संजय वर्मा, छेदी चौबे और अरविंद मिश्र।
(सभी तस्वीरें रोशन मिश्र के सौजन्य से)
Friday, August 13, 2010
मुकेश के घर गूंजी किलकारी
पूरे गांव की सेहत का ख्याल रखने वाले मुकेश कुमार मिश्र के घर फिर गूंजी किलकारी। गुरुवार रात ८ बजे उन्हें पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई है। इससे पहले मुकेश एक बेटी के पिता थे। फोन पर मिली जानकारी के मुताबिक जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। छतहार ब्लॉग की तरफ से मुकेश परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।
Subscribe to:
Posts (Atom)