आपसे निवेदन

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Tuesday, September 20, 2011

कृष्ण गीत

बंसिया बजाये कान्हा झूमे गलिया
झूमे लागल राधा रानी संग झूमे सखिया
गौवा भी झुमए, बछड़ा भी झुमये
झूमे लागल ब्रिन्दावन के कुञ्ज गलिया
ए जी झूमे लागल ब्रिन्दावन के कुञ्ज गलिया

झूमे लागल राधा रानी संग झूमे सखिया
मैया यशोदा झूमे नन्द बाबा झुमए
झूमे लागल हाथ मथुनिया दहिया
झूमे लागल राधा रानी संग झूमे सखिया इ
रुकुमिनी झुमए ,ललिता भी झुमये
झूमे लागल सखिया कदम के डलिया
झूमे लागल राधा रानी संग झूमे सखिया

गोकुल भी झुमए ,मथुरा झुमये
झूमे लागल यमुना लहर सखिया
"
आरती " झुमए ,भक्त जन झुमए
नख पर गिरि धरि झूमे कन्हैया
झूमे लागल राधा रानी संग झूमे सखिया
गीत - आरती मिश्र
संगीत एवं स्वर - मनोज मिश्र
ताल - कहरवा

Sunday, September 18, 2011

भूकंप के झटकों से हिला छतहार

आज शाम छह बजकर ग्यारह मिनट पर भूकंप के तेज झटकों से छतहार और आसपास के इलाके दहल उठे। गांववासी रोजमर्रा के कामों से निपटकर घर लौटे ही थे कि अचानक भूकंप का तेज झटका आया। छतहार के मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र के मुताबिक झटका इतना तेज था कि घर के दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगीं। श्री मिश्र के मुताबिक भूकंप को गांव और इलाके के तकरीबन अधिकांश लोगों ने महसूस किया। भूकंप महसूस होते ही लोग घरों से निकल गए। लोगों की जेहन में लगभग 23 साल पहले 1988 में आए विनाशकारी जलजले की याद ताजा हो गई। 21 अगस्त 1988 को 6.6 तीव्रता के उस भूकंप में हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। तब भूकंप का केंद्र भारत-नेपाल सीमा का इलाका था।
इस बार भूकंप का केंद्र सिक्किम से 64 किलोमीटर दूर का इलाका बताया गया है। भूकंप की तीव्रता 6.8 मापी गई है। बहरहाल, छतहार और आसपास के इलाकों से किसी नुकसान की खबर नहीं है। गौरतलब है कि बिहार में मुंगेर जिला भूकंप के लिहाज से अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है। छतहार मुंगेर जिले से बिल्कुल सटा हुआ है। 1934 और 1988 के भूकंपों में मुंगेर जिले में भारी तबाही हुई थी। 

Saturday, August 20, 2011

अन्ना के आंदोलन में छतहार की भागीदारी

अन्ना हजारे के आंदोलन में आज छतहार ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी। दिल्ली के रामलीला मैदान में जनलोकपाल बिल के लिए अनशन पर बैठे अन्ना हजारे को समर्थन देने के लिए छतहार निवासी श्री विजय कुमार मिश्र, श्री हिमांशु कुमार मिश्र, श्री दिव्यांशु भारद्वाज और श्रीमती संगीता अनशन स्थल पर पहुंचे। रामलीला मैदान से लौटकर श्री विजय कुमार मिश्र ने छतहार ब्लॉग को बताया कि लोगों का जोश देखकर वो अभिभूत हैं। अगर भ्रष्टाचार को खत्म करना है तो हर किसी को अन्ना का साथ देना होगा।
श्री विजय कुमार मिश्र
श्री दिव्यांशु भारद्वाज


इस बीच, छतहार से जानकारी मिली है कि वहां भी अन्ना के समर्थन में धरने की तैयारी हो रही है। आज छतहार से सटे तारापुर में अन्ना के समर्थन में एक रैली निकाली गई, जिसमें सभी दलों के लोग शामिल हुए। छतहार की तरफ से मुखिया श्री मनोज मिश्र इस रैली में शामिल हुए।
अगर आप अन्ना के साथ हैं तो ब्लॉग पर अपनी प्रतिक्रिया भेजें। अगर आप भी अन्ना के आंदोलन में शामिल हो रहे हैं तो अपनी तस्वीर भी जरूर भेजें। यहां प्रकाशित कर हमें प्रसन्नता होगी।  

Saturday, August 13, 2011

पाठा बलि को सशर्त मंजूरी

तेलडीहा में जिला प्रशासन ने दुर्गापूजा के दौरान पाठा बलि को सशर्त मंजूरी दे दी है। बांका की सांसद श्रीमती पुतुल सिंह के हस्तक्षेप के बाद गत सोमवार को प्रशासन ने अपना फैसला सुनाया। प्रशासन ने कहा है कि पशु बलि के लिए सभी मंदिरों में पूजा समिति का विधिवत गठन कर इसकी जानकारी प्रशासन को दी जाएगी। इसी समिति की देखरेख में पशु बलि का कार्यक्रम संपन्न होगा। इस दौरान किसी प्रकार की घटना होने पर पूजा समिति के ऊपर भी इसकी जिम्मेवारी होगी। जरूरत पड़ने पर प्रशासन भी पूजा समिति को इसमें सहयोग करेगा।
सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार ने इसे लेकर पूजा समिति के लोगों के लोगों के साथ बैठक की। उन्होंने बलि पड़ने वाले सभी मंदिरों में
16 अगस्त से पहले पूजा समिति गठित कर लेने को कहा गया। साथ ही बलि के लिए सभी पूजा समिति अपना कार्यकर्ता तैयार करेंगे जिन्हें पशु बलि के दौरान परिचय पत्र भी दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं की सूची को स्थानीय थानेदार अंतिम रूप से स्वीकृति प्रदान करेंगे। इसका रिकार्ड पूजा समिति के साथ थाना के पास भी जमा रहेगा। इन शर्त के साथ पशु बलि सभी सार्वजनिक जगहों पर पहले की तरह जारी रहेगा।
बैठक में तेलडीहा मंदिर में दशहरा पर बलि को लेकर विशेष व्यवस्था का निर्णय हुआ, ताकि पिछली साल जैसी घटना किसी कीमत ना हो सके। एसडीओ ने शंभूगंज के सीओ और थानाध्यक्ष को इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रमाशंकर राय, शंभूगंज थानाध्यक्ष बासुकीनाथ झा, बांका थानाध्यक्ष अरूण कुमार राय सहित पूजा समिति के मुखिया मनोज कुमार मिश्रा, शंकर दास, विजय कुमार दास, अमूल दास, कमल किशोर दास, सच्चिानंद झा कई पूजा समिति के लोग उपस्थित थे।
गौरतलब है कि पिछले साल दुर्गापूजा में नवमी पूजा में बलि के दौरान भगदड़ में कुछ लोगों की मौत हो गई थी। इसके प्रशासन ने पूरे जिले में बलि पर रोक लगा दी थी। चार अगस्त को नागपंचमी के मौके पर शंभूगंज प्रखंड के हरिवंशपुर विषहरी मंदिर में हर साल की तरह करीब दो सौ पाठा की बलि दी जानी थी। इसके लिए सुबह दूर दराज गांवों से करीब सौ की संख्या में बलि के लिए पाठा लेकर भी भक्त पहुंचे हुए थे। इसकी सूचना पर अंचलाधिकारी इंद्रजीत सिंह व थानाध्यक्ष बासुकीनाथ झा ने पुलिस बलों के साथ वहां पहुंच कर बलि को रोक दिया। अधिकारियों ने उन्हें पूजा पर किसी प्रकार की बाधा नहीं होने देने का आश्वासन दिया। प्रशासन के इस फैसले की खबर पर आसपास गांवों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गये तथा प्रशासन के इस फैसले को तुगलकी करार दिया। बाद में उपस्थित लोगों ने मंदिर में पूजा किये जाने से भी इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि तांत्रिक विषहरी मंदिर में पिछले चार सौ वर्षो से पूरे क्षेत्र की आस्था जुड़ी हुई है। लोग तब से यहां पशु बलि दे रहे हैं। लेकिन इसे एका एक रोकना सही नहीं है।
(कुछ इनपुट- दैनिक जागरण से)

Friday, July 29, 2011

मुखियाजी का जनता दरबार



छतहार माध्यमिक विद्यालय में मुखिया श्री मनोज मिश्र लोगों की समस्या का निपटारा करते हुए। फोटो- रौशन मिश्र

Saturday, July 16, 2011

तीन मौतों से शाकद्वीपीय टोले में शोक

तीन दिन के भीतर तीन लोगों की मौत से छतहार के शाकद्वीपीय टोले में शोक फैल गया है। नौ जुलाई को श्री भोले मिश्र की पत्नी (पुटुक्की मिश्र की मां) का निधन हुआ। अगले रोज श्री सच्चिदानंद मिश्र भी लंबी बीमारी के बाद स्वर्ग सिधार गए। दो दिन के भीतर दो मौत के सदमे से शाकद्वीपीय समाज अभी उबरा भी नहीं था कि बोकारो से श्री महानंद मिश्र के निधन की खबर आ गई। श्री महानंद मिश्र की उम्र करीब 55 साल की थी और वो बोकारो में कार्यरत थे। छतहार ब्लॉग की तरफ तीनों मृतात्माओं को हार्दिक श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और मृतकों के घरवालों को दुख से लड़ने का साहस दे।