आपसे निवेदन

आप चाहे छतहार में रहते हों या छतहार से बाहर, अगर आपका रिश्ता छतहार से है तो ये ब्लॉग आपका है। हम चाहते हैं कि आप छतहार के बारे में अपनी जानकारी, अपनी भावना, अपने विचार हमसे बांटें। आप अगर छतहार से बाहर रहते हैं और जिंदगी की आपाधापी में छतहार से आपका रिश्ता टूट चुका है तो हम चाहते हैं कि आप अपने बारे में हमें जानकारी भेजें ताकि ब्लॉग में हम उसे पोस्ट कर छतहार से आपका रिश्ता जोड़ सकें। हमारा मकसद इस ब्लॉग को छतहार का इनसाइक्लोपीडिया बनाना है। दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठा कोई शख्स छतहार के बारे में अगर कोई जानकारी चाहे तो उसे अपने गांव की पक्की सूचना मिल सके। ये आपके सहयोग के बगैर संभव नहीं है। हमें इस पते पर लिखे- hkmishra@indiatimes.com

Thursday, November 25, 2010

दद्दा को श्रद्धांजलि, जीत गईं पुतुल कुमारी

बांका लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी पुतुल कुमार भारी बहुमत से विजयी हुईं। पुतुल कुमार ने अपने निकतटम प्रतिद्वंद्वी आरजेडी के जयप्रकाश नारायण को 69119 मतों से हराया। पुतुल कुमारी को कुल 2 लाख 88 हजार 958 मत मिले, जबकि जयप्रकाश नारायण को 2 लाख 19 हजार 839।
पुतुल कुमारी अपने पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह के आकस्मिक निधन की वजह से खाली हुई सीट से चुनाव मैदान में उतरी थीं। बांका में स्वर्गीय दिग्विजय बाबू के कद और उनके प्रति जनता की संवेदना को देखते हुए कांग्रेस और जेडीयू ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था।
गौरतलब है कि जेडीयू से टिकट ना मिलने पर दिग्विजय बाबू बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे थे और जीते थे। लेकिन, उनके आकस्मिक निधन के बाद जेडीयू ने उनकी पत्नी के लिए ये सीट छोड़ दिया था। जबकि, दद्दा के अंतिम संस्कार के वक्त आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव ने बांका से अपना प्रत्याशी ना खड़ा करने का जो वादा किया था, उसे तोड़कर आरजेडी सरकार में मंत्री रहे जय प्रकाश नारायण को उतार दिया। इस वादाखिलाफी की जनता ने सजा दे दी।
बांका लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों की स्थिति इस प्रकार रही
पुतुल कुमारी (निर्दलीय) 288958
जयप्रकाश नारायण (आरजेडी) 219839
इंद्राज सिंह सैनी (बीएसपी) 57702
नीरज कुमार (एलएसएसपी) 35593
सीपी श्रीवास्तव (निर्दलीय) 26546
प्रवीण कुमार झा निर्दलीय) 18508
घनश्याम दास (निर्दलीय) 17389

Tuesday, November 23, 2010

सिंटू बाबू के घर शहनाई

छतहार से एक खुशखबर की आई है। छतहार निवासी ब्रजेश कुमार मिश्र उर्फ सिंटू बाबू का बीती रात यानी सोमवार २२ नवंबर को शुभ तिलकोत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ। तिलकोत्सव में सिंटू बाबू के निकटतम परिजनों के अलावा सजातीय और गांव के लोगों ने हिस्सा लिया। विवाह की तारीख अभी तय नहीं है। माना जा रहा है कि अगले साल फरवरी या मार्च का मुहूर्त निकाला जा रहा है। छतहार ब्लॉग की तरफ से सिंटू बाबू को जिंदगी की नई पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

Saturday, November 6, 2010

छतहार में मेला शुरू

शिवाला में मां काली की पूजा के साथ छतहार में सालाना मेला शुरू हो गया। दीवाली की रात शिवाला में परंपरागत तरीके से मां की काली की पूजा हुई और सात पाठों की निशा बलि दी गई। हर साल दीवाली के अगले रोज से भैया दूज के दिन तक छतहार में मेला लगता है। मेले की तैयारी एक दिन पहले से ही शुरू हो गई थी। मिठाई की कुछ दुकानें दीवाली की सुबह ही सज गई थीं, लेकिन आज सुबह से मेले में रौनक बढ़ती गई।

छतहार में दीवाली पर मातम

जब पूरा देश दीवाली के जश्न में डूबा हुआ था, छतहार में मातम पसरा था। दीवाली के दिन एक हादसे में गांव के दस साल के छात्र हर्ष कुमार राय की मौत हो गई। कहा जाता है कि श्री गिरीन्द्र प्रसाद राय का पुत्र हर्ष दोपहर करीब दो बजे से लापता था। घरवालों ने काफी ढूंढ़ा, नहीं लेकिन वो नहीं। तब लोगों ने सोचा कि हो सकता है कहीं खेलने निकल गया हो। लेकिन, शाम चार बजे गांव की एक महिला जब पुस्तकालय के पास गोयठा ठोंकने गई तो हर्ष को बिजली की तार से लिपटा हुआ पाया। महिला ने तुरंत शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया। किसी तरह तार से हर्ष के शरीर को अलग किया गया, लेकिन तब तक हर्ष का जिस्म बेजान हो चुका था। माना जाता है कि हर्ष शौच करने गया था और बिजली की तार की चपेट में आ गया।
हर्ष के आकस्मिक निधन पर छतहार शोकाकुल है। भगवान से प्रार्थना है कि हर्ष की आत्मा को शांति मिले और उनके घरवालों को दुखों का सामना करने की शक्ति मिले।

Wednesday, November 3, 2010

धनतेरस और दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं

छतहार के समस्त लोगों को धनतेरस और दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं। दीवाली शुभ हो। मां लक्ष्मी आप पर सुख और समृद्धि की वर्षा करें, यही हमारी कामना है। हमारी अपील है कि दीवाली खुशी का त्योहार है और आप इसे मिठाई और आतिशबाजी के साथ इसका जश्न मनाएं। इस जश्न में नशे और जुए को फटकने ना दें क्योंकि इसमें बर्बादी के सिवा कुछ नहीं।
दीवाली पर छतहार के लोगों के नाम मुखियाजी श्री मनोज कुमार मिश्र का संदेश आया है। पेश है आपके लिए।

Friday, October 29, 2010

चुनाव पूर्व मुखियाजी का संदेश

एक नवंबर को अमरपुर विधानसभा और बांका लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। शांतिपूर्ण चुनाव के संचालन के लिए दूसरे मतदान केंद्रों की तरह छतहार पंचायत में भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस मौके पर मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र पंचायत के लोगों से शांतिपूर्ण मतदान की अपील की है। छतहार ब्लॉग को भेजे वीडियो संदेश में श्री मिश्र ने कहा है कि मतदाताओं को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे पंचायत की छवि को बट्टा लगे। पेश है मुखिया जी का वीडियो संदेश।

Tuesday, October 26, 2010

अमरपुर में दिलचस्प मुकाबला

गुड़ उत्पादन में कलकत्ता की मंडी में धाक रखने वाले अमरपुर क्षेत्र में इस बार का चुनावी मुकाबला का काफी दिलचस्प है। चुनावी मैदान की तस्वीर साफ होने लगी है। सभी 14 प्रत्याशी अपनी जीत के लिए जी तोड़ कोशिश में जुट गये हैं। लगातार चार बार से जीतते आ रहे राजद के सुरेंद्र प्रसाद सिंह कुशवाहा को इस बार सीट बचाने की चुनौती मिल गयी है। जदयू ने उसी के जाति से आने वाले बेलहर के निवर्तमान विधायक जनार्दन मांझी को प्रत्याशी बनाकर राजद के वोट बैंक में सेंध लगा दी है।
हालांकि इस सीट की सीधी लड़ाई को त्रिकोण बनाने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी एड़ी-चोटी एक किये हुए हैं। दरअसल राजद प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह अब तक राजद वोट बैंक व अपनी जाति की मजबूत गोलबंदी से चुनाव जीतते रहे हैं। राजद की जदयू पर जीत का फासला भी कम रहा है। इस चुनाव में जदयू ने उसी जाति के बेलहर विधायक जर्नादन मांझी को अमरपुर से प्रत्याशी बनाकर नया दांव चल दिया है।
वर्तमान विधायक के पास चार चुनाव जीतने और क्षेत्र से पुराने जुड़ाव का फायदा है तो जदयू प्रत्याशी क्षेत्र के लिए नये हैं। हालांकि राजद विधायक के लिए इस बार पिछले चुनाव की तुलना में चुनौती बढ़ी है। इसका कारण उनके आधार वोट में जदयू की सेंधमारी है। जिससे मुकाबला काफी टफ हो गया है।
नये परिसमन में फुल्लीडुमर प्रखंड के चार पंचायत घटने तथा शंभूगंज के छह पंचायत बढ़ने से राजद वोट बैंक को ही आंशिक नुकसान हुआ है। इस चुनाव में भी जनता विकास के मुद्दे के साथ विधायक जी के पंद्रह साल के कार्यकाल का हिसाब ले रही है। पंद्रह साल लगातार विधायकी का एंटी इंकबैंसी भी उनके पीछे पड़ी है। जनता का मूड इस पर कितना नरम रहेगा यह जीत हार का परिणाम देगा।
इससे इतर कांग्रेस ने सवर्ण प्रत्याशी राकेश कुमार सिंह को मैदान में उतार कर जदयू की परेशानी थोड़ी बड़ा रखी है। जदयू के लिए उन्हीं की पार्टी के एनसीपी उम्मीदवार बने मनोज आजाद, निर्दलीय अनिल कुमार सिंह सहित कई दलीय टिकट से वंचित नेता भी जीत में रोड़ा अटकाने को प्रयासरत हैं तो राजद के लिए भी लोजपा नेत्री बेबी यादव, जवाहर लाल पासवान, सपा के पंकज कुमार आदि प्रत्याशी बन बाधा बने हुए हैं। इसके अलावा सजपा प्रत्याशी केदार प्रसाद सिंह, लोससपा के विनोद कुमार, इंजपा के अमित कुमार झा, सुरेश पासवान, सैयद आलमदार हुसैन, जेडीएस के रमेश कुमार चौधरी भी मैदान में उतर कर विधायक बनने को बेताब दिख रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थन में बड़े नेताओं की चुनावी सभा शुरू होने के बाद मुकाबले की तस्वीर और साफ दिखने लगेगी।
(ये खबर दैनिक जागरण से ली गई है। हम इसका कोई व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर रहे। अगर दैनिक जागरण को कोई आपत्ति हो तो हम ब्लॉग से खबर हटाने को तैयार हैं)