बिहार में चुनावी बिगुल बज गया है। छह चरणों में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक होंगे। छतहार यानी अमर विधानसभा में चुनाव चौथे चरण में एक नवंबर को होगा। इसी दिन यहां बांका लोकसभा के लिए भी वोट डाले जाएंगे। गौरतलब है दिग्विजय सिंह के निधन की वजह से ये सीट खाली हुई थी। जहां तक बिहार में विधानसभा चुनाव का सवाल है पहले चरण का मतदान 21 अक्टू. , दूसरे चरण का 24 अक्टू. , तीसरे चरण का 28 अक्टू. , चौथे चरण का 1 नवंबर, पांचवें चरण का 9 नवंबर और छठे तथा आखरी चरण का मतदान 20 नवंबर को कराया जाएगा। मतगणना 24 नवंबर को होगी। बिहार में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 27 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
आपसे निवेदन
आप चाहे छतहार में रहते हों या छतहार से बाहर, अगर आपका रिश्ता छतहार से है तो ये ब्लॉग आपका है। हम चाहते हैं कि आप छतहार के बारे में अपनी जानकारी, अपनी भावना, अपने विचार हमसे बांटें। आप अगर छतहार से बाहर रहते हैं और जिंदगी की आपाधापी में छतहार से आपका रिश्ता टूट चुका है तो हम चाहते हैं कि आप अपने बारे में हमें जानकारी भेजें ताकि ब्लॉग में हम उसे पोस्ट कर छतहार से आपका रिश्ता जोड़ सकें। हमारा मकसद इस ब्लॉग को छतहार का इनसाइक्लोपीडिया बनाना है। दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठा कोई शख्स छतहार के बारे में अगर कोई जानकारी चाहे तो उसे अपने गांव की पक्की सूचना मिल सके। ये आपके सहयोग के बगैर संभव नहीं है। हमें इस पते पर लिखे- hkmishra@indiatimes.com
Monday, September 6, 2010
Sunday, August 29, 2010
आधा छतहार अंधेरे में
दोस्तो, पिछले कुछ समय से आपका ब्लॉग अपडेट नहीं हो पा रहा है, इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। दरअसल, इसकी एक बड़ी वजह बिजली है। पिछले करीब एक हफ्ते से आधा छतहार अंधेरे में डूबा हुआ है। गांव का एक ट्रांसफॉर्मर खराब हो गया है, जिससे राजपूत टोला, भूमिहाल टोला, शाकद्वीपीय बिचला टोला में बिजली नहीं है। इस वजह छतहार की तस्वीरें और खबरें मिलनी बंद हो गई हैं। छतहार के मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र के मुताबिक ट्रांसफॉर्मर के मरम्मत या उसे बदलने वाली कोशिशें जारी हैं। इसकी खबर बिजली विभाग को भी कर दी गई है, लेकिन टीआरडब्ल्यू में फिलहाल कोई ट्रांसफॉर्मर नहीं है इस वजह से इसमें दिक्कत आ रही है। आपको बता दें कि ट्रांसफॉर्मर से संबंधित काम टीआरडब्ल्यू ही देखती है।
Tuesday, August 24, 2010
ये राखी बंधन है ऐसा
Sunday, August 15, 2010
छतहार में स्वतंत्रता दिवस की झांकी
छतहार में बच्चे पूरे हर्षोल्लास से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झांकी निकालते हुए
सभी फोटो रौशन मिश्र के सौजन्य से
Saturday, August 14, 2010
झंडा ऊंचा रहे हमारा
पूरा देश आजादी के रंग में रंगा हुआ है और छतहार भी इससे अछूता नहीं है। 15 अगस्त को आजादी का पर्व मनाने के लिए गांव में व्यापक पैमाने पर तैयारी की गई है। चार जगहों पर यहां झंडोत्तोलन का कार्यक्रम रखा गया है। माध्यमिक विद्यालय में झंडोत्तोलन के अलावा गीत-संगीत का भी कार्यक्रम रखा गया है। पंचायत भवन में मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र झंडा फहराएंगे। पंचायत के सरपंच श्रीबाबू लसौड़ा पर झंडा फहराएंगे जबकि पंचायत समिति श्री जीवन सिंह शहीद विश्वनाथ पुस्तकालय पर तिरंगा लहराएंगे। बुद्धिजीवी श्री त्रिपुरारी सिंह द्वारा गठित विचार मंच की तरफ से झंडोत्तोलन का कार्यक्रम रखा गया है। 15 अगस्त पर छतहार में होने कार्यक्रम की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट आप अपने प्रिय ब्लॉग पर देख पाएंगे। छतहार ब्लॉग की तरफ से सभी छतहारवासियों को स्वंतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं।
झगड़ा खुद सुलझाएं तो अच्छा
कहते हैं आपसी झगड़े में बाहर वाले को शामिल ना किया जाए तो अच्छा होता है। छतहार में बुधवार को संपन्न पुलिस पब्लिक बैठक में शंभूगंज के थाना प्रभारी श्री अरुण कुमार राय ने गांव वालों को यही नेक सलाह दी।
पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में थाना प्रभारी श्री राय ने कहा कि आपसी विवाद को पंचायत स्तर पर मिल बैठ कर सुलझाना ही फायदेमंद होता है। उन्होंने कहा कि जब गांववाले किसी झगड़े को लेकर उनके पास पहुंचते हैं तो उनकी पहली प्राथमिकता होती है बातचीत के जरिये इसका समाधान ढूंढ़ने की। गांववाले भी थाना और कचहरी का चक्कर काटने की बजाए अगर संवाद के जरिये सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद सुलझा लें तो ये समाज की शांति और आपासी सदभाव के हित में होगा।
उन्होंने कहा कि वो आपसी विवाद के निपटारे में गांववालों को हरसंभव मदद पहुंचाएंगे। कटु से कटु विवाद की स्थिति में भी वो तब तक इसे मुकदमेबाजी तक नहीं पहुंचने देंगे, जब तक कि सुलह के सारे रास्ते बंद नहीं हो जाते।
बैठक में गांववालों ने श्री राय से शिकायत रखी कि अक्सर सालों पुराने मामले में आधी रात को पुलिस वाले गिरफ्तारी वारंट लेकर चले आते हैं। कई मामले तो ऐसे होते हैं कि आरोपी उस केस को भूल चुका होता है। ऐसे में पुलिस के इस तरह वारंट लेकर पहुंचने और गिरफ्तारी से समाज में बदनामी होती है क्योंकि ऐसे ज्यादातर केस आपराधिक नहीं बल्कि निजी द्वेष के होते हैं। गांववालों ने मांग की कि अगर किसी के नाम पुराने मामलों का वारंट जारी होता है तो इसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को पहले मिलनी चाहिए ताकि वो कोर्ट में सरेंडर कर उचित कानूनी कार्रवाई कर सके। इस पर थाना प्रभारी श्री राय ने गांववालों को भरोसा दिया कि वो इसे अमल में लाएंगे और पंचायत प्रतिनिधि के माध्यम से संबंधित व्यक्ति तक वारंट की जानकारी पहुंचा देंगे। लेकिन चौबीस घंटे के भीतर सरेंडर ना करने की स्थिति में पुलिस गिरफ्तारी के लिए बाध्य हो जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि उनकी शुरू से ही कोशिश रही है कि गांव में सौहार्द का माहौल बना रहे। लोग मिल बैठकर अपनी शिकायत दूर करें। इस मामले में उन्हें काफी कुछ कामयाबी भी मिली है, लेकिन इसे पूरी तरह कामयाब गांववालों की मदद से ही बनाया जा सकता है।
बैठक में मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र और थानाध्यक्ष श्री अरुण कुमार राय के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इनमें शामिल हैं श्री पंकज सिंह, प्रकाश चौधरी, बुटेरी चौधरी श्रीनारायण सिंह, मिर्जापुर से चक्रघर मिश्र, जसोधर पाठक, अरुण पाठक, भैरव मिश्र, श्यामानंद मिश्र, सच्चिदानंद मिश्र, सदानंद मिश्र, चंद्रशेखर झा, विजयमोहन मिश्र, माडला से देवेंद्र वर्मा, संजय वर्मा, टीना से गरीब मंडल, राजेश मंडल, वासुदेव रविदास, उमाकांत पासवान आदि मौजूद थे।
बैठक में 11 लोगों की कमेटी बनाई गई, जो आपसी झगड़े का निपटारा करेगी। इस कमेटी में शामिल हैं- श्रीनारायण सिंह (अध्यक्ष), केसरी किशोर तिवारी, अरुण पाठक, दिलीप झा, सच्चिदानंद मिश्र, चक्रधर मिश्र, उमाकांत पासवान, भैरव मिश्र, संजय वर्मा, छेदी चौबे और अरविंद मिश्र।
पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में थाना प्रभारी श्री राय ने कहा कि आपसी विवाद को पंचायत स्तर पर मिल बैठ कर सुलझाना ही फायदेमंद होता है। उन्होंने कहा कि जब गांववाले किसी झगड़े को लेकर उनके पास पहुंचते हैं तो उनकी पहली प्राथमिकता होती है बातचीत के जरिये इसका समाधान ढूंढ़ने की। गांववाले भी थाना और कचहरी का चक्कर काटने की बजाए अगर संवाद के जरिये सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद सुलझा लें तो ये समाज की शांति और आपासी सदभाव के हित में होगा।
उन्होंने कहा कि वो आपसी विवाद के निपटारे में गांववालों को हरसंभव मदद पहुंचाएंगे। कटु से कटु विवाद की स्थिति में भी वो तब तक इसे मुकदमेबाजी तक नहीं पहुंचने देंगे, जब तक कि सुलह के सारे रास्ते बंद नहीं हो जाते।
बैठक में गांववालों ने श्री राय से शिकायत रखी कि अक्सर सालों पुराने मामले में आधी रात को पुलिस वाले गिरफ्तारी वारंट लेकर चले आते हैं। कई मामले तो ऐसे होते हैं कि आरोपी उस केस को भूल चुका होता है। ऐसे में पुलिस के इस तरह वारंट लेकर पहुंचने और गिरफ्तारी से समाज में बदनामी होती है क्योंकि ऐसे ज्यादातर केस आपराधिक नहीं बल्कि निजी द्वेष के होते हैं। गांववालों ने मांग की कि अगर किसी के नाम पुराने मामलों का वारंट जारी होता है तो इसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को पहले मिलनी चाहिए ताकि वो कोर्ट में सरेंडर कर उचित कानूनी कार्रवाई कर सके। इस पर थाना प्रभारी श्री राय ने गांववालों को भरोसा दिया कि वो इसे अमल में लाएंगे और पंचायत प्रतिनिधि के माध्यम से संबंधित व्यक्ति तक वारंट की जानकारी पहुंचा देंगे। लेकिन चौबीस घंटे के भीतर सरेंडर ना करने की स्थिति में पुलिस गिरफ्तारी के लिए बाध्य हो जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंचायत प्रमुख श्री मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि उनकी शुरू से ही कोशिश रही है कि गांव में सौहार्द का माहौल बना रहे। लोग मिल बैठकर अपनी शिकायत दूर करें। इस मामले में उन्हें काफी कुछ कामयाबी भी मिली है, लेकिन इसे पूरी तरह कामयाब गांववालों की मदद से ही बनाया जा सकता है।
बैठक में मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र और थानाध्यक्ष श्री अरुण कुमार राय के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इनमें शामिल हैं श्री पंकज सिंह, प्रकाश चौधरी, बुटेरी चौधरी श्रीनारायण सिंह, मिर्जापुर से चक्रघर मिश्र, जसोधर पाठक, अरुण पाठक, भैरव मिश्र, श्यामानंद मिश्र, सच्चिदानंद मिश्र, सदानंद मिश्र, चंद्रशेखर झा, विजयमोहन मिश्र, माडला से देवेंद्र वर्मा, संजय वर्मा, टीना से गरीब मंडल, राजेश मंडल, वासुदेव रविदास, उमाकांत पासवान आदि मौजूद थे।
बैठक में 11 लोगों की कमेटी बनाई गई, जो आपसी झगड़े का निपटारा करेगी। इस कमेटी में शामिल हैं- श्रीनारायण सिंह (अध्यक्ष), केसरी किशोर तिवारी, अरुण पाठक, दिलीप झा, सच्चिदानंद मिश्र, चक्रधर मिश्र, उमाकांत पासवान, भैरव मिश्र, संजय वर्मा, छेदी चौबे और अरविंद मिश्र।
(सभी तस्वीरें रोशन मिश्र के सौजन्य से)
Subscribe to:
Posts (Atom)



